DeepKnowlegde_Of_God
DeepKnowlegde_Of_GodKabir
जीव हमारी जाति है,मानव धर्म हमारा।
धर्म नहीं कोई न्यारा।।
आपस में सब भाई-भाई।
परमात्मा कबीर जी ने धर्मदास जी को बताया कि मैं अपनी प्यारी आत्माओं को काल के जाल से निकालने के लिए काल के इन 21 ब्रह्मांडों में घूमता रहता हूं और सत्य ज्ञान देकर व शास्त्रानुकूल साधना बताकर पार करता हूं।
तीन पुत्र अष्टंगी जाए,
ब्रह्मा विष्णु शिव नाम धराए।।
परमेश्वर कबीर साहेब जी ने ही ब्रह्मा, विष्णु, महेश के माता-पिता का ज्ञान कराया तथा उनकी उत्पत्ति बताई।
कबीर साहिब ने ही सतलोक का ज्ञान दिया।
कबीर परमेश्वर जी ने शास्त्रानुकूल भक्ति तथा शास्त्रविरूद्ध भक्ति का भेद बताया।
शास्त्र अनुकूल साधना करने से सुख व मोक्ष संभव है तथा शास्त्रविरूद्ध साधना करने से जीवन हानि तथा नरक व चौरासी का कष्ट सदैव बना रहेगा।
(गीता अ.16, श्लोक 23-24)
आज का समाज परमात्मा कबीर जी को एक सामान्य संत समझता है जबकि अपनी महिमा बताते हुए परमात्मा कबीर जी ने हमें बताया कि वही सृष्टि के रचनहार हैं और चारों युगों में आते हैं।
तथा परमात्मा ने बताया है कि जिस स्वर्ग के सुख को समाज में श्रेष्ठ सुख समझा जाता था, परमात्मा कबीर जी के तत्वज्ञान से ही पता चला कि स्वर्ग का सुख तो सतलोक के सुख के आगे काग (कौए) की बिष्ठा (बीट) के समान है ।
परमात्मा कबीर साहेब जी ने ही हमे बताया है कि संसार में करोड़ों नाम (मंत्र) हैं उनसे मुक्ति नहीं होती, सारनाम से ही मुक्ति होती है लेकिन उस मंत्र को कोई नहीं जानता।
उस मंत्र को सिर्फ तत्वदर्शी संत ही बता सकता है,वह
आज परमात्मा की सम्पूर्ण जानकारी देने वाले संत, संत रामपाल जी महाराज ही सबको बता रहे हैं।
अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखिये sadhna chennl पर सत्संग शाम 7:30pm पर
जीव हमारी जाति है,मानव धर्म हमारा।
हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई,
धर्म नहीं कोई न्यारा।।
हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई,
आपस में सब भाई-भाई।
आर्य जैनी और विश्नोई,
एक प्रभु के बच्चे सोई।।
पुर्ण परमात्मा कि शरण मे जाने से सारे पाप कर्म केसे कटते है ?
वर्तमान समय मे सभी धर्म के धर्मगुरुओं ने आज तक यही बताया है कि परमात्मा/रब/गॉड/अल्लाह/खुदा निराकार है, उसका केवल प्रकाश देखा जा सकता है। लेकिन सर्वप्रथम कबीर जी ने इसका खंडन करते हुए बताया कि परमात्मा/अल्लाह/गॉड साकार है, नराकार है।
कबीर साहेब जी ने कहा है कि मनुष्य जन्म बहुत अनमोल है इसे शास्त्र विरुद्ध साधना करके व्यर्थ नहीं करना9 चाहिए,
कबीर परमेश्वर ने ही बताया था कि परमात्मा सभी पापों से मुक्त कर सकता है।वही ग्यान आज संत रामपाल जी महाराज ने वेदों से प्रमाणित करके बता दिया कि परमात्मा साधक के घोर पाप को भी समाप्त कर देता है। देखिये प्रमाण "यजुर्वेद अध्याय 8 मंत्र 13"।परमात्मा कबीर जी ने धर्मदास जी को बताया कि मैं अपनी प्यारी आत्माओं को काल के जाल से निकालने के लिए काल के इन 21 ब्रह्मांडों में घूमता रहता हूं और सत्य ज्ञान देकर व शास्त्रानुकूल साधना बताकर पार करता हूं।
कबीर साहेब द्वारा तीन देव कि उत्पति बताना?
कबीर, मां अष्टंगी पिता निरंजन,
ये जम दारुण वंशन अंजन।तीन पुत्र अष्टंगी जाए,
ब्रह्मा विष्णु शिव नाम धराए।।
परमेश्वर कबीर साहेब जी ने ही ब्रह्मा, विष्णु, महेश के माता-पिता का ज्ञान कराया तथा उनकी उत्पत्ति बताई।
कबीर साहिब ने ही सतलोक का ज्ञान दिया।
कबीर परमेश्वर जी ने शास्त्रानुकूल भक्ति तथा शास्त्रविरूद्ध भक्ति का भेद बताया।
शास्त्र अनुकूल साधना करने से सुख व मोक्ष संभव है तथा शास्त्रविरूद्ध साधना करने से जीवन हानि तथा नरक व चौरासी का कष्ट सदैव बना रहेगा।
(गीता अ.16, श्लोक 23-24)
आज का समाज परमात्मा कबीर जी को एक सामान्य संत समझता है जबकि अपनी महिमा बताते हुए परमात्मा कबीर जी ने हमें बताया कि वही सृष्टि के रचनहार हैं और चारों युगों में आते हैं।
तथा परमात्मा ने बताया है कि जिस स्वर्ग के सुख को समाज में श्रेष्ठ सुख समझा जाता था, परमात्मा कबीर जी के तत्वज्ञान से ही पता चला कि स्वर्ग का सुख तो सतलोक के सुख के आगे काग (कौए) की बिष्ठा (बीट) के समान है ।
परमात्मा कबीर साहेब जी ने ही हमे बताया है कि संसार में करोड़ों नाम (मंत्र) हैं उनसे मुक्ति नहीं होती, सारनाम से ही मुक्ति होती है लेकिन उस मंत्र को कोई नहीं जानता।
उस मंत्र को सिर्फ तत्वदर्शी संत ही बता सकता है,वह
आज परमात्मा की सम्पूर्ण जानकारी देने वाले संत, संत रामपाल जी महाराज ही सबको बता रहे हैं।
अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखिये sadhna chennl पर सत्संग शाम 7:30pm पर


Nice
ReplyDelete