कावड यात्रा के फ़ायदे
कावड़ यात्रा क्यों लाते है
हर साल श्रावण मास में करोड़ो की तादाद में कांवडिये सुदूर स्थानों से आकर गंगा जल से भरी कांवड़ लेकर पदयात्रा करके अपने गांव वापस लौटते हैं इस यात्राको कांवड़ यात्रा बोला जाता है।
कावड़ यात्रा द्वारा लाया जल
श्रावण की चतुर्दशी के दिन उस गंगा जल से अपने निवास के आसपास शिव मंदिरों में शिव का अभिषेक किया जाता है। कहने को तो ये धार्मिक आयोजन भर है, लेकिन इसके सामाजिक सरोकार भी हैं।
कांवड के माध्यम से
कांवड के माध्यम से जल की यात्रा का यह पर्व सृष्टि रूपी शिव की आराधना के लिए हैं। पानी आम आदमी के साथ साथ पेड पौधों, पशु - पक्षियों, धरती में निवास करने वाले हजारो लाखों तरह के कीडे-मकोडों और समूचे पर्यावरण के लिए बेहद आवश्यक वस्तु है। उत्तर भारत की भौगोलिक स्थिति को देखें तो यहां के मैदानी इलाकों में मानव जीवन नदियों पर ही आश्रित है।
क्या कावड़ यात्रा करना सस्त्रो में लिखा
बिल्कुल नही कावड़ यात्रा करना एक आडंबर है जो लोग अपने मस्ती के लिए करते है
भगवान शिव को खुश कैसे करें
भगवान शिव को खुश करने के लिए सस्त्रो के अनुसार भक्ति करनी चाहिए
कैसे करे सस्त्रो अनुसार भक्ति
संत रामपाल जी महाराज का सत्संग सुने
उसमे सभी सस्त्रो को खोल कर बताया जाता है किसकी भक्ति करने से क्या लाभ होता है क्या नही,
अधिक जानकारी के लिए
http://www.jagatgururampalji.org





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